Commonwealth Games 2026: भारत ने जीते कई पदक | CWG 2026
ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के नौवें दिन भारत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की झड़ी लगा दी। मुक्केबाजी, पैरा एथलेटिक्स और ट्रिपल जंप में भारतीय खिलाड़ियों ने देश का गौरव बढ़ाया। दिन की शुरुआत से ही भारतीय दल ने कई स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए, जिससे पदक तालिका में भारत की स्थिति और मजबूत हुई।
मुक्केबाजी में भारत का स्वर्णिम प्रदर्शन
भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार खेल दिखाते हुए कई मुकाबलों में जीत दर्ज की। महिला वर्ग में प्रीति पवार और जैस्मिन लैम्बोरिया ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर भारत को दो स्वर्ण पदक दिलाए। वहीं पुरुष वर्ग में जादुमणि सिंह को कड़े मुकाबले के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। दिनभर कई भारतीय मुक्केबाज स्वर्ण पदक के लिए रिंग में उतरे, जिससे भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ बॉक्सिंग अभियान देखने को मिला।
पैरा एथलेटिक्स में ऐतिहासिक उपलब्धि
पुरुषों की एफ-57 शॉटपुट स्पर्धा में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। सोमन राणा ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया, जबकि शुभम जुयाल ने रजत पदक अपने नाम किया। इस स्पर्धा में भारत ने स्वर्ण और रजत दोनों पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। पैरा एथलीटों का यह प्रदर्शन भारत के लिए अब तक का सर्वश्रेष्ठ माना जा रहा है।
ट्रिपल जंप में दोहरा पदक
एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। पुरुषों की ट्रिपल जंप स्पर्धा में प्रवीण चित्रवेल ने रजत पदक जीता, जबकि सेल्वा प्रभु तिरुमरण ने कांस्य पदक हासिल किया। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भारतीय एथलेटिक्स की मजबूती को एक बार फिर साबित किया।
अन्य स्पर्धाओं में मिला मिला-जुला प्रदर्शन
महिलाओं की 10,000 मीटर रेस वॉक में भारत की प्रियंका गोस्वामी पदक से चूक गईं और चौथे स्थान पर रहीं। लॉन बाउल्स में भारतीय पुरुष जोड़ी को इंग्लैंड के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा, जिससे उनका अभियान समाप्त हो गया। जूडो में भारतीय खिलाड़ियों ने संघर्षपूर्ण प्रदर्शन करते हुए आगे के मुकाबलों में जगह बनाने की कोशिश जारी रखी।
भारत की नजरें और स्वर्ण पदकों पर
प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारत की उम्मीदें अभी भी कई खिलाड़ियों पर टिकी हुई हैं। मुक्केबाजी, एथलेटिक्स और जूडो में भारतीय खिलाड़ी पदक जीतने की मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही लय बरकरार रही तो भारत इस संस्करण में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के करीब पहुंच सकता है।