पीएम मोदी ने लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील क्यों की? जानिए इसके पीछे की बड़ी वजह
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने तेलंगाना दौरे के दौरान देशवासियों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा बचाने के लिए यह कदम देशहित में जरूरी है।
दरअसल, ईरान युद्ध और बढ़ती वैश्विक अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 80% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। इसके साथ ही भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड इंपोर्ट करने वाले देशों में भी शामिल है।

विशेषज्ञों के अनुसार भारत हर साल 700 से 800 टन सोना आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है। जब तेल और सोने दोनों के आयात पर भारी डॉलर खर्च होते हैं, तो भारतीय रुपये की कीमत कमजोर होने लगती है।
पीएम मोदी ने कहा कि देशभक्ति सिर्फ देश के लिए मरने में नहीं, बल्कि कठिन समय में जिम्मेदारी निभाने में भी होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि शादी या पारिवारिक कार्यक्रमों में फिलहाल सोने की खरीदारी टालकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग करें।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि अगर देशभर में करोड़ों परिवार कुछ समय के लिए गोल्ड खरीद कम कर दें, तो इससे आयात बिल और करंट अकाउंट डेफिसिट को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
क्यों चिंता का विषय है गोल्ड इंपोर्ट?
- भारत अपनी जरूरत का 90% से ज्यादा सोना आयात करता है
- गोल्ड इंपोर्ट में भारी मात्रा में डॉलर खर्च होता है
- कच्चे तेल के बाद सोना भारत का दूसरा सबसे बड़ा आयात है
- ज्यादा आयात से रुपये पर दबाव बढ़ता है
सरकार पहले भी उठा चुकी है कदम
सरकार पहले गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने, Sovereign Gold Bond और Gold ETF जैसे विकल्पों को बढ़ावा देने जैसे कदम उठा चुकी है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रखा जा सके।